
TCS ने USD 700 मिलियन में Coastal Cloud का अधिग्रहण किया। इस बड़ी डील से Salesforce और AI क्षमताएँ होंगी मजबूत, 400+ मल्टी-क्लाउड एक्सपर्ट्स हुए शामिल। अभी पढ़ें पूरी खबर!
मुंबई, 10 दिसंबर — भारत की सबसे बड़ी IT सर्विसेज कंपनी TCS ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह सिर्फ टेक्नोलॉजी फॉलो नहीं करती, बल्कि भविष्य की दिशा तय करती है। बुधवार को कंपनी ने अमेरिका स्थित Coastal Cloud के अधिग्रहण का ऐलान कर IT इंडस्ट्री में हलचल मचा दी। करीब USD 700 मिलियन (लगभग ₹5,800 करोड़) की इस ऑल-कैश डील को टेक जगत में एक गेम-चेंजर माना जा रहा है।
यह अधिग्रहण सिर्फ एक कंपनी खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ Salesforce, डेटा और AI आधारित ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में एक नई ताकत जुड़ गई है। इस डील के बाद TCS अब दुनिया की टॉप-5 Salesforce एडवाइजरी और कंसल्टिंग कंपनियों में शुमार हो गई है।
AI-फर्स्ट रणनीति को मिली रफ्तार
कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह कदम AI-फर्स्ट और एजेंट-ड्रिवन ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक अहम मील का पत्थर है। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले समय में ऑटोमेशन, स्मार्ट एजेंट्स और डेटा-ड्रिवन फैसलों पर आधारित समाधान और भी तेज़ी से विकसित किए जाएंगे।

TCS की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आर्थी सुब्रमण्यम ने इसे कंपनी के भविष्य के लिए निर्णायक बताया। उनके अनुसार, यह अधिग्रहण ग्लोबल Salesforce क्षमताओं को नई ऊंचाई देगा और कंपनी के ट्रांसफॉर्मेशन एजेंडा को तेज़ करेगा। उन्होंने कहा कि इस डील के साथ 400 से ज्यादा मल्टी-क्लाउड स्पेशलिस्ट्स जुड़ रहे हैं, जिनके पास गहरी इंडस्ट्री एक्सपर्टीज़ है।
400+ एक्सपर्ट्स, नई ताकत
इस अधिग्रहण का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कंपनी के टैलेंट पूल में जबरदस्त इजाफा होगा। Coastal Cloud के अनुभवी प्रोफेशनल्स सेल्स, सर्विस, मार्केटिंग, रेवेन्यू मैनेजमेंट, CPQ, कॉमर्स और Salesforce डेटा क्लाउड जैसे क्षेत्रों में काम कर चुके हैं।
इन एक्सपर्ट्स के जुड़ने से TCS की एडवाइजरी और बिजनेस कंसल्टिंग क्षमताएं और मजबूत होंगी। इससे न सिर्फ मौजूदा क्लाइंट्स को बेहतर समाधान मिलेंगे, बल्कि नए इंडस्ट्री सेगमेंट्स में भी कंपनी की पकड़ मजबूत होगी।
Coastal Cloud को भी मिला ग्लोबल प्लेटफॉर्म
Coastal Cloud के सीईओ एरिक बेरिज ने इस डील को दोनों कंपनियों के लिए विन-विन सिचुएशन बताया। उन्होंने कहा कि अब वे अपने ग्राहकों की बदलती जरूरतों को और ज्यादा गहराई, तेजी और बड़े स्केल पर पूरा कर पाएंगे।
उनके मुताबिक, दोनों कंपनियां मिलकर जटिल बिजनेस प्रोसेस को मॉडर्न बना सकती हैं, इंडस्ट्री-लेवल चुनौतियों का समाधान निकाल सकती हैं और दुनिया भर में नए वैल्यू क्रिएशन के मौके खोल सकती हैं।
2012 से 2025 तक का सफर
2012 में स्थापित Coastal Cloud ने खुद को एक मल्टी-क्लाउड Salesforce कंसल्टिंग फर्म के रूप में स्थापित किया है। कंपनी एंटरप्राइज-लेवल ट्रांसफॉर्मेशन, डेटा-ड्रिवन स्ट्रैटेजी और AI आधारित कंसल्टिंग के लिए जानी जाती है। अब इस अनुभव का फायदा सीधे TCS के ग्लोबल क्लाइंट्स को मिलेगा।
रणनीति में बड़ा बदलाव
यह डील ऐसे समय आई है जब TCS को अब तक इनऑर्गेनिक ग्रोथ के मामले में अपेक्षाकृत सतर्क माना जाता था। हालांकि, कुछ महीने पहले ListEngage के अधिग्रहण के बाद यह साफ हो गया था कि कंपनी अब Salesforce इकोसिस्टम में आक्रामक विस्तार के मूड में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आने वाले वर्षों में कंपनी की ग्रोथ को नई दिशा देगा, खासकर तब जब दुनिया भर की कंपनियां AI आधारित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर तेजी से निवेश कर रही हैं।
शेयर बाजार की प्रतिक्रिया
इस बड़े ऐलान के बावजूद शेयर बाजार में हल्की नरमी देखने को मिली। बीएसई पर कंपनी का शेयर 0.63 प्रतिशत गिरकर ₹3,188.15 पर बंद हुआ, जबकि बेंचमार्क इंडेक्स में 0.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह शॉर्ट-टर्म मूवमेंट है और लॉन्ग-टर्म में इस डील का असर पॉजिटिव हो सकता है।
भविष्य की ओर मजबूत कदम
कुल मिलाकर, Coastal Cloud का अधिग्रहण सिर्फ एक बिजनेस डील नहीं, बल्कि TCS की उस सोच को दर्शाता है जिसमें टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और AI के दम पर ग्लोबल लीडरशिप हासिल करने का सपना शामिल है। आने वाले समय में यह कदम IT इंडस्ट्री की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभा सकता है।
सोर्स- PTI
